माँ की याद
....डा शशि कान्त सिंह (रोशन)
जीवन के हर पल में, तुझे मन से याद किया है,
तेरे नाम ही को पूजा, तेरे नाम ही को जाना है/
आई जब जब मुसीबतें, तुझे याद कर दूर भागीं,
ममता की छांव मुझको, हर पल अहसास दिलातीं/
तेरी ही दी हुई सांसें, मैं हर पल ले रहा हूँ,
तुझे याद करते करते, आंसू बहा रहा हूँ/
तुम पास नहीं हो मेरे, हर पल साथ दिखती हो,
अहसास यह तुम्हारा, ज़िंदा रखता है मुझको/
तुझे याद करूं मैं इतना, यह जान तुम पाओ ना,
तेरे नाम ही का दीपक, हर दिन मैं जलाऊँ माँ/
क्यों महसूस न किया मैंने, तुम थीं जब सामने,
अब प्यार अधिक करूं मैं, जब हो न तुम सामने/
रोया अधिक न उस पल, तुम जा रही थीं छोडके,
न जाने आज यह आंसू, रुक नहीं रहे हैं मेरे/
जब जी भर आता मेरा, ढूंड़ता हूँ उसी कोने को,
जहां दुखड़े अपने रोया था, फिर आ रहा रोना मुझको/
छिपा रखा है वो आँचल, जिसमें आंसू तब पोछे थे,
सभी गम भूलना चाहूं, पोंछ आंसू फिर उसी से/
घर के उस कौने में, आज भी तुम रहती हो,
सांसें हैं तुम्हारी जिंदा, महसूस करूँ मैं उनको/
वहाँ बैठ कर हर रोज़, कुछ पल बिता लेता हूँ,
तेरी ही याद में माँ, मैं खुदको भूल जाता हूँ//
....डा शशि कान्त सिंह (रोशन)
जीवन के हर पल में, तुझे मन से याद किया है,
तेरे नाम ही को पूजा, तेरे नाम ही को जाना है/
आई जब जब मुसीबतें, तुझे याद कर दूर भागीं,
ममता की छांव मुझको, हर पल अहसास दिलातीं/
तेरी ही दी हुई सांसें, मैं हर पल ले रहा हूँ,
तुझे याद करते करते, आंसू बहा रहा हूँ/
तुम पास नहीं हो मेरे, हर पल साथ दिखती हो,
अहसास यह तुम्हारा, ज़िंदा रखता है मुझको/
तुझे याद करूं मैं इतना, यह जान तुम पाओ ना,
तेरे नाम ही का दीपक, हर दिन मैं जलाऊँ माँ/
क्यों महसूस न किया मैंने, तुम थीं जब सामने,
अब प्यार अधिक करूं मैं, जब हो न तुम सामने/
रोया अधिक न उस पल, तुम जा रही थीं छोडके,
न जाने आज यह आंसू, रुक नहीं रहे हैं मेरे/
जब जी भर आता मेरा, ढूंड़ता हूँ उसी कोने को,
जहां दुखड़े अपने रोया था, फिर आ रहा रोना मुझको/
छिपा रखा है वो आँचल, जिसमें आंसू तब पोछे थे,
सभी गम भूलना चाहूं, पोंछ आंसू फिर उसी से/
घर के उस कौने में, आज भी तुम रहती हो,
सांसें हैं तुम्हारी जिंदा, महसूस करूँ मैं उनको/
वहाँ बैठ कर हर रोज़, कुछ पल बिता लेता हूँ,
तेरी ही याद में माँ, मैं खुदको भूल जाता हूँ//
बेहतरीन अलफ़ाज़ अच्छी कविता बधाई
ReplyDeleteकुश्वंश जी, शुक्रिया और आभार आपका, माँ के अहसासों को समझने के लिए ........
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